स्वामित्व दस्तावेज़ पंजीयन प्रशिक्षण पोर्टल

E-Gov Online (manojegov.online) — डिजिटल पंजीयन व तकनीकी सहायता निर्देश

अद्यतन दिनांक (Last Updated): 25 सितंबर 2026
कुल यूनीक विजिटर (IP Visitor Count): लोड हो रहा है...

निःशुल्क पंजीयन

ग्रामीण संपत्तियों की रजिस्ट्री, स्टाम्प शुल्क, पंचायत उपकर और पंजीयन शुल्क का संपूर्ण खर्च राज्य शासन द्वारा वहन किया जा रहा है।

लक्ष्य एवं दायरा

प्रदेश के 55 जिलों में लगभग 48 लाख से अधिक ग्रामीण आबादी भूखंडों को पंजीकृत मालिकाना हक दस्तावेज़ प्रदान करना।

संशोधित दिशा-निर्देश

दिनांक 15/09/2026 से जारी नए दिशा-निर्देशों के तहत SAARA ऐप आधारित संशोधित ऑनलाइन प्रक्रिया प्रभावशील।

दिनांक 15/09/2026 के संशोधित ऑनलाइन निर्देश (नवीनतम अपडेट)

महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव

MPeSeva ऐप बंद: MPeSeva के माध्यम से अब कोई भी आवेदन नहीं किया जा सकेगा; इस प्रक्रिया को समाप्त कर दिया गया है। अब समस्त आवेदन पटवारी की SAARA आईडी के माध्यम से ही होंगे।

दिशा-निर्देश 1 & 2
शिविर संचालन एवं eKYC अनिवार्यता
  • शिविर निर्धारित समयावधि में ही संपादित किए जाएंगे।
  • समस्त हितग्राहियों की समग्र पोर्टल पर EKYC एवं भू-लेख पोर्टल पर आधार EKYC होना अनिवार्य है।
दिशा-निर्देश 3 & 4
SAARA ऐप द्वारा आवेदन एवं 3-चरण प्रक्रिया
  • भूस्वामी स्वयं पटवारी के समक्ष उपस्थित होंगे तथा पटवारी द्वारा SAARA ऐप के माध्यम से भूस्वामी की ओर से आवेदन की पूरी प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।
  • आवेदन के पश्चात सत्यापन की प्रक्रिया भी पटवारी द्वारा SAARA ऐप के माध्यम से पूर्ण की जावेगी।
  • Saara App के माध्यम से आवेदन की प्रक्रिया को सरल किया गया है जो केवल 3 steps में पूर्ण होगी।
दिशा-निर्देश 5
नाम मिलान एवं कॉलम 12 प्रविष्टि (रिकॉर्ड सुधार की आवश्यकता नहीं)
हितग्राही का जो नाम खसरे में दर्ज होगा, वही नाम ऑटोमैटिक रजिस्ट्री में भी दर्ज होगा एवं आधार अनुसार नाम खसरे के 12 नंबर कॉलम में ऑटोमैटिक दर्ज होगा। नाम मिलान की समस्या को सरल किया गया है, अतः अलग से रिकॉर्ड सुधार करने की आवश्यकता नहीं है।
दिशा-निर्देश 6 & 7
पिता/पति का नाम एवं वीडियो रिकॉर्डिंग (हाँ/ना विकल्प)
  • यदि हितग्राही के खसरे में पिता/पति का नाम दर्ज नहीं है, तो पटवारी आवेदन के समय पिता/पति का नाम दर्ज कर सकते हैं, जिसकी सहमति आवेदक द्वारा वीडियो रिकॉर्डिंग के समय दी जावेगी।
  • आवेदक को वीडियो रिकॉर्ड करते समय यदि मैसेज पढ़ने में समस्या है, तो सिस्टम द्वारा एक वाक्य सुनाया जाएगा जिसके लिए 'हाँ, सहमत हूँ' या 'जी, सहमत हूँ' बोलना होगा, जिससे वीडियो रिकॉर्डिंग की प्रक्रिया पूर्ण हो जाएगी।
दिशा-निर्देश 8, 9 & 10
गवाह, भूखंड संख्या एवं सह-भूधारक नियम
  • आवेदन करते समय यदि किन्हीं 2 गवाहों को आवेदन में जोड़ा गया है, तो किसी अन्य हितग्राही का आवेदन करने पर पूर्व से पंजीकृत गवाहों की सूची एप में उपलब्ध रहेगी। इस गवाह को चुनकर आवेदन में उपयोग किया जा सकता है।
  • भू-खण्ड (PLOT) की संख्या जितनी होंगी उतने ही रजिस्ट्री के आवेदन किये जा सकेंगे।
  • एक भूखंड में यदि 4 भू-धारक हो तो आवेदन करते समय समस्त 4 भू-धारकों का होना आवश्यक है, अन्यथा आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो पाएगी।

SAARA ऐप: पटवारी सत्यापन एवं मैपिंग प्रक्रिया

चरण 1
उपस्थिति एवं लॉगिन
भूस्वामी पटवारी के समक्ष उपस्थित होंगे। पटवारी अपनी SAARA आईडी से लॉगिन कर 3-चरणीय सरल प्रक्रिया शुरू करेंगे।
चरण 2
डेटा मिलान व नाम प्रविष्टि
खसरे के नाम अनुसार रजिस्ट्री जनरेट होगी। आधार भिन्नता होने पर कॉलम 12 में डेटा स्वतः प्रविष्ट होगा। यदि पिता/पति का नाम न हो, तो सेल्फ-डिक्लेरेशन/सहमति से जोड़ा जाएगा।
चरण 3
गवाह चयन एवं ऑडियो/वीडियो सत्यापन
पूर्व-पंजीकृत गवाहों को ड्रॉप-डाउन से चुनें। सभी सह-भूधारकों (जैसे चारों भूधारक) की उपस्थिति में ऐप के ऑडियो संकेतों ('हाँ, सहमत हूँ') के आधार पर वीडियो रिकॉर्डिंग पूरी करें।

SAMPADA 2.0: पंजीयन एवं डिजिटल मुहर

चरण 1 & 2
विलेख परीक्षण एवं अनुमोदन
SAARA ऐप से सत्यापित एवं सभी सह-भूधारकों के वीडियो युक्त आवेदन SAMPADA 2.0 पर स्वतः अग्रसारित होंगे। विलेख का पूर्वावलोकन कर मुहर प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।
चरण 3
डिजिटल डीड प्रदाय
इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर एवं डिजिटल मुहर लगने के बाद शत-प्रतिशत निःशुल्क पंजीकृत मालिकाना हक दस्तावेज़ हितग्राही को डाउनलोड हेतु उपलब्ध हो जाएगा।

आवेदन की स्थितियां (Status Reference)

स्थितिविवरण
SAARA आवेदन लंबितपटवारी पोर्टल के माध्यम से 3-चरणीय आवेदन प्रक्रिया प्रगति पर।
ई-केवाईसी सत्यापितसमग्र एवं भू-लेख पोर्टल पर आधार ई-केवाईसी पूर्ण।
वीडियो सत्यापन पूर्णसभी सह-भूधारकों द्वारा 'हाँ/ना' ऑडियो विकल्प के तहत वीडियो दर्ज।
सम्पदा 2.0 अग्रेषितअंतिम डिजिटल हस्ताक्षर व पंजीयन मुहर हेतु प्रेषित।
पंजीयन पूर्णदस्तावेज़ निष्पादित एवं डाउनलोड हेतु तैयार।

तकनीकी सहायता एवं नोडल संपर्क निर्देशिका (Tech Support & Help Desk)

कार्यालय आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन, ग्वालियर/भोपाल के आदेशानुसार योजना के प्रभावी संचालन, तकनीकी समाधान एवं समन्वय हेतु राज्य स्तरीय नोडल अधिकारियों की सूची तथा तकनीकी विनिर्देश:

कार्यालयीन संपर्क सूत्र (Headquarters Contact)

कार्यालय: भू-तल, गवर्नमेंट प्रिंटिंग प्रेस, अरेरा हिल्स, भोपाल-462011

आधिकारिक ई-मेल: mp-lrs@mp.gov.in

राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी एवं कार्य विभाजन

क्र. नामित नोडल अधिकारी लिंक अधिकारी सौंपा गया कार्य
1 श्री दिगपाल सिंह कुशवाह
प्रमुख तकनीकी अधिकारी
मो.: 7898682418
श्रीमती ओशिन विक्टर तकनीकी समन्वय हेतु (Technical Coordination)
2 श्रीमती ओशिन विक्टर
सहायक संचालक
मो.: 8836936949
श्री दिगपाल सिंह कुशवाह प्रशासनिक समन्वय हेतु (Administrative Coordination)
3 श्री अर्पित मेहता (मो.: 7415261374)
श्री यशस्वी शरणागत (मो.: 8770748386)
सहायक संचालक
श्रीमती स्मिता भूषण
(मो.: 8871855520)
प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं पंजीयन शिविर आयोजन समन्वय
4 श्रीमती सोनिया परिहार (मो.: 9039038922)
श्री देवेन सिंह (मो.: 6260205234)
सहायक संचालक
श्रीमती वंशिका इंगले
(मो.: 6269101490)
प्रचार-प्रसार, जनजागरूकता एवं IEC गतिविधियों का समन्वय

DSC एवं HSM Onboarding प्रक्रिया (3 Years / Organization Based Individual)

I. Class 3 DSC II. Validity: 3 Years III. Organization Based Individual (Created for Individuals)

MPSeDC समन्वय (Soft Copy Upload)

Vendor द्वारा DSC की Soft Copy MPSeDC को उपलब्ध कराई जाएगी, जिसे HSM पर अपलोड किया जाएगा। इसके लिए समन्वय करें:

संपर्क अधिकारी: श्री शैलेन्द्र सिंह | मो.: 7678495737 | ई-मेल: Shailendra.bagri37@mp.gov.in

जिला स्तर पर अधिकृत वेंडर चयन (Select any one):

1. SafeScrypt
2. IDRBT
3. (n)Code Solutions
4. e-Mudhra
5. C-DAC
6. Capricorn
7. Protean
8. VSign (Verasys)
9. Indian Air Force
10. CSC
11. RISL (RajComp)
12. Indian Army
13. IDSign
14. CDSL Ventures (CVL)
15. Panta Sign
16. XtraTrust
17. Indian Navy
18. ProDigiSign
19. SignX
20. Care 4 Sign
21. IGCAR
22. Speed Sign
23. Assam Rifles

ऑनबोर्डिंग चरण-दर-चरण प्रक्रिया:

चरण 1
जिला स्तर पर ऊपर दी गई सूची में से किसी एक वेंडर (1 से 23) से संपर्क करें (DSC वैध अवधि 3 वर्ष हेतु)।
चरण 2
Vendor द्वारा उपयोगकर्ता (User) का विवरण उपलब्ध कराने के बाद CSR बनाने का अनुरोध MPSeDC को प्राप्त होता है।
चरण 3
MPSeDC द्वारा CSR Vendor को भेजा जाता है और Vendor से PEM File उपलब्ध कराने के लिए कहा जाता है।
चरण 4
Vendor से PEM File प्राप्त होने के बाद, MPSeDC द्वारा DSC को HSM में Import करने की प्रक्रिया पूरी की जाती है।
चरण 5
MPSeDC द्वारा DSC को HSM में Import किया जाएगा। Certificate के HSM में सफलतापूर्वक Import होने के बाद, SAMPADA Application के माध्यम से संबंधित उपयोगकर्ता Digital Signer का उपयोग कर सकेंगे।

सम्पदा सर्वर ऑनबोर्डिंग संपर्क

विभागीय HSM (Hardware Security Module) सर्वर तकनीकी सहायता हेतु पंजीयन प्रणाली अधिकारी:

नोडल अधिकारी: श्री विशाल कुमार गुप्ता (सिस्टम मैनेजर)

मोबाइल: 9993324470

ई-मेल: sm.sampada@mp.gov.in

DSC Specs Summary (Annexure-1):

  • Class: Class-III DSC
  • Validity: 3 Years
  • Certificate Type: Organization based Individual

HSM तकनीकी विनिर्देश (Annexure-2)

Make & Model: Thales Luna | K-7
Partition: 30
OS Support: Windows & Linux
Security Level: FIPS 140-2 Level 3 Certified
Virtual Support: VMware, Hyper-V, Xen, KVM
Host Interface: 2x1G and 2x10G Fiber ports with port bonding (IPv4 & IPv6)

जिला स्तरीय क्रियान्वयन निर्देश (For District Administration)

  • प्रत्येक जिले से अपर कलेक्टर/ADM को जिला नोडल अधिकारी एवं 02 मास्टर ट्रेनर नामांकित किया जाना सुनिश्चित करें।
  • तहसीलदार/पटवारी लॉगिन अथवा फेस आरडी (Face RD) में तकनीकी त्रुटि आने पर तत्काल हेल्पडेस्क या WhatsApp समन्वय ग्रुप में एरर स्क्रीनशॉट साझा करें।