डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण

E-Gov Karahal online

1. डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण - परिचय एवं लक्ष्य

मध्य प्रदेश शासन द्वारा कृषि और राजस्व तकनीकी को एकीकृत करते हुए डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण (Digital Crop Survey) की शुरुआत की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रत्येक खसरे में बोई गई फसल की सटीक एवं पारदर्शी जानकारी उपग्रह और जमीनी डेटा के मिलान से एकत्रित करना है।

मुख्य उद्देश्य व लक्ष्य

  • प्रत्येक फसल क्षेत्र की सटीक और वास्तविक जानकारी प्राप्त करना।
  • निजी एवं सरकारी दोनों प्रकार की भूमियों का क्रॉप सर्वेक्षण करना।
  • अन्य विभागों (जैसे ई-उपार्जन) को त्वरित डेटा उपलब्ध कराना।

इस वर्ष नया क्या है (What's New)

  • प्री-फील्ड सैटेलाइट डेटा (AI/ML संभावित फसल) का पूर्व उपयोग।
  • खसरे की सटीक पहचान हेतु सेंट्रॉइड-आधारित आर्क फीचर।
  • सिस्टम में पिछले वर्ष की सिंचाई की जानकारी का स्वतः प्रदर्शन।

2. आधुनिक तकनीक एवं पार्सल जियोफेंसिंग

जियोफेंसिंग (Parcel Level Geofencing) क्या है?

जियोफेंसिंग एक आभासी भौगोलिक सीमा है जो भूमि की वास्तविक चतुर्सीमा (पार्सल स्तर) को दर्शाती है। सर्वेक्षण कार्य को वैध बनाने के लिए सर्वेयर या किसान का वास्तविक रूप से उस पार्सल जियोफेंस सीमा के अंदर उपस्थित होना अनिवार्य है।

मानव एवं आधुनिक तकनीक का समन्वय:

मोबाइल ऐप के माध्यम से जमीन पर उपस्थित होकर फसल का लाइव अक्षांश-देशांतर (GPS) युक्त फोटो खींचना अनिवार्य है। इस लाइव फोटो की तुलना सीधे उपग्रह (Satellite Images) द्वारा AI/ML तकनीक से प्राप्त संभावित फसल डेटा से की जाती है। डेटा में विसंगति होने पर वरिष्ठ अधिकारियों (पटवारी/तहसीलदार) द्वारा पुनः क्रॉस-वेरिफिकेशन किया जाता है।

3. स्थानीय युवा (सर्वेयर) पात्रता एवं पंजीयन प्रक्रिया

पात्रता और मानदेय की शर्तें

आयु सीमा 18 से 40 वर्ष
न्यूनतम योग्यता 8वीं उत्तीर्ण + स्थानीय निवासी
नियत मानदेय ₹8 से ₹14 / सर्वे नंबर

एमपी भू-लेख पोर्टल पर पंजीकरण के चरण:

1

आधिकारिक लिंक पर जाएं

सर्वप्रथम मोज़िला फ़ायरफ़ॉक्स या क्रोम पर mpbhulekh.gov.in खोलें।

2

रजिस्ट्रेशन लिंक का चयन

होमपेज पर "Register As Internal User" टैब पर क्लिक करें।

3

आधार KYC वेरिफिकेशन

"KYC" बटन दबाकर अपना आधार नंबर दर्ज करें और आधार OTP दर्ज कर विवरण सत्यापित करें।

4

दस्तावेज़ एवं पदस्थापना विवरण

लॉगिन क्रेडेंशियल भरकर अपना स्कैन किया हुआ आवेदन फॉर्म (अधिकतम 5 MB) अपलोड करें, और अपने आवंटित जिला, तहसील व ग्राम का चयन कर सबमिट करें।

4. किसान द्वारा 'एम.पी किसान ऐप' से स्व-घोषणा प्रक्रिया

कृषक स्वयं भी अपने एंड्रॉइड मोबाइल में "MP Kisan App" डाउनलोड कर अपने खातों को जोड़कर फसल स्व-घोषणा दर्ज कर सकते हैं।

खाता/खसरा जोड़ना

ऐप में लॉगिन कर 'फसल स्व-घोषणा' विकल्प चुनें। प्लस (+) बटन पर क्लिक कर जिला, तहसील, ग्राम और खसरा नंबर का चयन कर अपने खाते को लिंक करें।

दावा-आपत्ति का निराकरण

यदि किसान सर्वेयर द्वारा भरी गई निर्णायक फसल से असहमत है, तो वह 'दावा आपत्ति' पर जाकर सीधे खेत पर उपस्थित होकर अपनी सही फसल की जानकारी और स्पष्ट फोटो अपलोड कर सकता है।

खाता सूची में खसरे की रंग कोडिंग का अर्थ:

लाल: सर्वेक्षण कार्य शेष पीला: प्रविष्टि सुरक्षित (अपलोड होना शेष) हरा: केंद्रीय डेटाबेस में अपलोड संपन्न

5. सर्वेयर द्वारा 'सारा (SAARA) ऐप' में फील्ड सर्वेक्षण प्रक्रिया

तहसीलदार द्वारा ग्राम आवंटन के बाद सर्वेयर को MP Saara App इंस्टॉल कर फील्ड पर जाना होता है।

A

गाँव एवं नक्शा डाउनलोड (अनिवार्य चरण)

सर्वेक्षण शुरू करने से पहले ऐप के DCS स्क्रीन में 'डाउनलोड' विकल्प पर क्लिक कर गाँव का डेटा और ग्राम का संपूर्ण जियो-रेफरेन्स नक्शा अनिवार्य रूप से डाउनलोड कर लें।

B

फसल की जानकारी दर्ज करना

लंबित खसरे पर क्लिक कर खेत पर जाएं। ऐप में फसल का नाम, बोने की विधि, किस्म, सिंचाई व्यवस्था, साधन और बुआई का रकबा सही ढंग से दर्ज करें।

C

उन्नत इमेज कैप्चर टूल (सटीक फोटो नियम)

ऐप के कैमरे पर क्लिक करें। जब तक स्क्रीन पर "Photo is Good" का संदेश और टॉर्च जैसी रोशनी (Ark) का हिस्सा हरा न हो जाए, तब तक फोटो कैप्चर का बटन दिखाई नहीं देगा। आपको फसल पर ही फोकस रखकर एकदम स्पष्ट फोटो खींचनी है।

6. स्थानीय सर्वेयर हेतु महत्वपूर्ण Do's and Don'ts

क्या करें (Do's)

  • स्मार्ट फोन को पर्याप्त चार्ज करके और डेटा पैक रिचार्ज रखकर ही फील्ड पर निकलें।
  • सदैव वास्तविक खेत पर पहुँचकर ही जियोफेंस पार्सल सीमा के अंदर सर्वेक्षण करें।
  • फसल को पहचानने में संशय होने पर तुरंत पटवारी या संबंधित कृषक से सहायता प्राप्त करें।
  • इंटरनेट नेटवर्क न होने पर डेटा को offline मोड में सहेजें, नेटवर्क आते ही वह स्वतः सिंक हो जाएगा।

क्या न करें (Don'ts)

  • आवंटित ग्राम और निर्दिष्ट खसरा नंबरों के अलावा किसी अन्य भूमि का सर्वे न करें।
  • किसी फोटो से फोटो (कंप्यूटर या प्रिंटेड पेपर से) खींचने का प्रयास बिल्कुल न करें।
  • फसल के स्थान पर किसी अन्य वस्तु, औजार या धुंधली तस्वीर को ऐप में अपलोड न करें।
  • फसल का बोया गया क्षेत्र (रकबा) किसी भी परिस्थिति में जानबूझकर गलत दर्ज न करें।